Thursday, August 25, 2016

तुम हो साथी और मंज़िल भी

तुम हो साथी और मंज़िल भी,
तुम दीपक हो और सूरज भी ।
तुम चंदा हो और तारे हो ,
तुम थोड़े हो, तुम सारे हो ।
मेरी धरती भी तुम ही हो ,
और तुम आकाश भी मेरा  हो ,
मेरा सब अँधियारा हो तुम ,
और सब प्रकाश भी तुम ही हो ।
तुम मेरी हो, मेरे ऊपर,
सारा अधिकार तुम्हारा है ।
मेरी धरती, मेरा जीवन,
सारा ब्रह्मांड तुम्हारा है । 

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