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Sunday, March 9, 2014

जो तुमको ना देखा

सारी दुनिया से बातें कर ली
 तुमसे बात नहीं की
तो सब कुछ खाली लगता है ।

सब के साथ हंसा किया
और सब के साथ जाने कितने
चुटकुले सुने-सुनाये ।
कितने खूब नज़ारे देखे,
कितने किस्से सुने-सुनाये ।
 लेकिन फिर भी अंतिम में,
 अपने बिस्तर पे लेटे,
सोने से कुछ पहले पाया -
सब कुछ बेमानी सा है
और सब कुछ खाली-खाली है
जो तुमसे बात नहीं की ।

 फ़िल्मों में देखा  कोई जब
सुन्दर लड़की, सुन्दर कपड़ों में,
सझी-धजी श्रृंगारित ।
बीच में बागों के, फूलों में
 खड़ी हुई प्रफुल्लित;
जैसे स्वर्ग से आयी परी हुई।
उसको देखा और खुद में देखा।
फिर सोचा, जब चाँद के नीचे,
खाट पे लेटे
सोने से पहले, तुमको ना देखा,
ना कोई तस्वीर ही देखी,
तो पाया कि सब कुछ बेमानी सा है
और सब कुछ खाली-खाली है -
जो तुमको ना देखा ।
  

Friday, August 5, 2011

कभी कभी ख्वाबों में जब तुम आती हो,.....

कभी कभी ख्वाबों में
जब तुम आती हो,
इतने सालों के बाद भी |
कभी कभी रातों में 
जब रजनीगंधा 
खिड़की से बाँहें फैलाती है-
और हवा थपकियाँ देती है
हलके हलके से |
सन्नाटे की लोरी,
रात का राग कोई बन जाती है ,
जब तुम आती हो,
इतने सालों के बाद भी | 

ख्वाब कभी शामों के
और कभी सुबहों के |
ख्वाब कभी जन्नत के और
कभी-कभी जंगल के अंधियारों के, 
सन्नाटों के |
जहां तुम हो, मैं हूँ 
और बीच की तन्हाई हैं|

ख्वाब तो मेरे अपने पर नहीं होते हैं,
और सवेरे आँखों में जो किस्से हैं, नहीं होते हैं |
बस होती है एक सुबह सुरीली,
दिन दीवाने होते हैं,
जब तुम आती हो, 
इतने सालों के बाद भी |
कभी कभी.....

पत्नी की कोरोना

साधारण खांसी बुखार  जबसे कोरोना निकल गया, मेरी पत्नी जी का तो  जैसे मौसम बदल गया | दवाई का डिब्बा, औ‌‍क्सीमीटर , थर्मोमीटर सर्वदा साथ हैं बी...