Monday, February 8, 2016

Depression का गीत

मैंने  कभी नहीं था सोचा
मैं Depression के गीत भी गाऊँगा,
मैंने  कभी नहीं था सोचा
Life के  Struggles से मैं थक जाऊंगा।
मैंने कभी नहीं था सोचा
मैं Depression के गीत भी गाऊँगा।

मैं तो लड़ता था हर बार,
हाथों में खंजर तैयार ,
आ जाये जो सामने
खाता था हार । 
मेरा हँसता था संसार,
मैं था खुशियों  सरदार,
काटों के बाड़ों को
काटा था हर बार ।

मैंने कभी नहीं था सोचा
मेरी बगिया को Cactus खा जायेगा ,
मैंने कभी नहीं था सोचा
मेरे चंदा ग्रहण में छुप जायेगा ।

मैंने कभी नहीं था सोचा
मैं Depression के गीत भी गाऊँगा...

मेरे दोस्त थे चार सौ चार
और powerful मेरी car ,
जब चलती थी
हर जंगल हो जाता पार ।
जब आता था कोई पहाड़
2nd gear में रस्ता पार,
उसके आगे छोटा लगता था थार ।

मैंने कभी नहीं था सोचा
मेरे इंजन का डब्बा बन जाएगा ,
मैंने कभी नहीं था सोचा
Fuel-tank  में बस कचरा बच जायेगा ।


मैंने  कभी नहीं था सोचा
मैं Depression के गीत भी गाऊँगा .........
मैंने  कभी नहीं था सोचा
Life के  Struggles से मैं थक जाऊंगा .......

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